Tuesday, 26 December 2017

         AGRICULTURE IN INDIA 

 ' होरी ' और ' बलचनमा ' केवल उपन्यास में अवतरित होने वाले काल्पनिक पात्र नहीं हैं 
अपितु कृषक जीवन के जीवंत पात्र हैं जो कृषकों के संघर्ष एवं विपत्ति की कहानी कहते हैं .
सरकारी नीतियों एवं प्रदूषण जनित जलवायु परिवर्तन के कारण आज भी असंख्य ' होरी ' और ' बलचनमा '
विवशता भरा जीवन यापन करते हुए आत्महत्या कर रहे हैं !
भारतीय किसानो का जीवन कल भी विडंबनापूर्ण था और आज भी है -
धरती पुत्र की विडंबनाओं का अंत एवं उसके भाग्य लिपि मे सकरात्मक परिवर्तन के
नये युग का आरम्भ हो ,
ऎसी दिव्य आशय से माननीय प्रधानमन्त्री ,
वित्तमंत्री एवं अन्य जिम्मेदार पद धारकों को
आग्रह पत्र प्रेषित किया .
आशा रखता हूँ , अपने कृषक समाज के
जीवन्त पात्र सुखमय जीवन व्यतीत कर सकें !
आपका ,
अविनाश झा
भारतीय जनता पक्ष

ANAND BHUSHAN PANDEY MLA BHABHUA BIHAR

       CONDOLENCES TO ANAND BHUSHAN PANDEY ,

                       MLA BHABHUA ( BIHAR )

भारतीय जनता पार्टी के कर्तव्यनिष्ठ युवा सेनानी एवं विधायक , भभुआ विधानसभा
श्री आनन्द भूषण पांडेय जी स्मृतिशेष छोड़कर स्वर्गारोहण पथ पर चले गये .
राजनीतिक एवं सामाजिक परिदृश्य का एक उदयीमान सूर्य समय से पहले अस्त हो गया !
श्री पांडेय के आत्मा की चीर शान्ति एवं उनसे जुड़े सभी प्राणी को विपदा की
इस बेला मे सम्बल एवं दृढता प्रदान करने हेतु ईश्वर से सतत प्रार्थी हूँ .
अविनाश झा
भारतीय जनता पक्ष

GOVERNMENT OF INDIA INITIATIVES

        AVINASH JHA SPEAKS ABOUT GOVERNMENT OF INDIA INITIATIVES 

प्रधानमंत्री श्री नरेन्‍द्र मोदी की अध्‍यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने 9046.17 करोड़ रूपये के तीन वर्ष के बजट के साथ 2017-18 से शुरू होने वाले राष्‍ट्रीय पोषण मिशन (एनएनएम) की स्‍थापना को अपनी मंजूरी प्रदान कर दी है।
एनएनएम एक शीर्षस्‍थ निकाय के रूप में मंत्रालयों के पोषण संबंधी हस्‍तक्षेपों की निगरानी, पर्यवेक्षण, लक्ष्‍य निर्धारित करने तथा मार्गदर्शन करेगा।
यह कार्यक्रम लक्ष्‍यों के माध्‍यम से ठिगनेपन, अल्‍प पोषाहार, रक्‍त की कमी तथा जन्‍म के समय बच्‍चे के वजन कम होने के स्‍तर में कमी के उपाय करेगा।
इससे बेहतर निगरानी समय पर कार्यवाही के लिए सावधानी जारी करने में तालमेल बिठाने तथा निर्धारित लक्ष्‍यों की प्राप्ति के लिए मंत्रालय और राज्‍यों/संघ शासित क्षेत्रों को कार्य करने, मार्गदर्शन एवं निगरानी करने के लिए प्रोत्‍साहित किया जाएगा।
छह वर्ष से कम आयु के बच्‍चों और महिलाओं के बीच कुपोषण के मामले से निपटने के लिए सरकार ने कई स्‍कीमें लागू की हैं।
इन योजनाओं के बावजूद देश में कुपोषण तथा संबंधित समस्‍याओं का स्‍तर ऊंचा है।
योजनाओं की कोई कमी नहीं है किंतु आम लक्ष्‍य को प्राप्‍त करने के लिए योजनाओं को एक-दूसरे के साथ तालमेल स्‍थापित करने में कमी देखने में आई है।
एनएनएम सुदृढ़ व्‍यवस्‍था स्‍थापित करके वांछित तालमेल को कायम करेगा।

DIRECTORATE OF REVENUE INTELLIGENCE

           AVINASH JHA SPEAKS : ECONOMIC REFORMS IN PROGRESS

केंद्र सरकार की प्रमुख खुफिया संस्था राजस्व आसूचना निदेशालय(डीआरआई) ने गुजरात में भरूच शहर में छापा मारकर एक कार्यालय से 48.91 करोड़ रूपए बरामद किए हैं।
ये रूपए बंद हो चुके पांच सौ और एक हजार की राशि में थे।
डीआरआई सूरत के अधिकारियो ने खुफिया जानकारी मिलने के बाद सीजीएसटी वडोदरा-2 के अधिकारियो के साथ मिलकर भरूच के जीआईडीसी पनोली स्थित यमुना बिल्डिंग मेटेरियल के कार्यालय में छापा मारा और 500 और 1 हजार के पुराने नोटो में 48 करोड़ नब्बे लाख और 96 हजार रूपए बरामद किए।
हाल ही में अधिसूचित किए गए विशेषीकृत बैंक नोट( उत्तरदायित्व की समाप्ति) 2017 के अंतर्गत अनुच्छेद 7 के अतंर्गत खंड 5 के उल्लंघन प्रावधानो के तहत इस मामले में 10 हजार रूपए तक या उल्लंघन में शामिल राशि का 5 गुना ज्यादा दंड लगाया जा सकता है।
इस मामले में डीआरआई द्वारा जब्त कुल राशि के 49 करोड़ होने के कारण दंड के 245 करोड़ रूपए तक होने की आशा है।
जांच में सामने लोगो की पड़ताल भी की जाएगी और इसके चलते दूरगामी प्रभाव हो सकते हैं।

HUMAN RIGHTS IN INDIA

       AVINASH JHA SPEAKS FOR HUMAN RIGHTS
मानवाधिकार दिवस हर वर्ष 10 दिसंबर को मानवाधिकारों की सार्वभौमिक घोषणा के अवसर पर मनाया जाता है।
इस घोषणा को विश्‍व भर में मानवाधिकारों की रक्षा के मानक के रूप में संयुक्‍त राष्‍ट्र महासभा ने 1948 में अपनाया और उसे मान्‍यता दी।
राष्‍ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने इस अवसर पर मानवाधिकारों पर देश भर की लघु फिल्‍मों के लिए पुरस्‍कार प्रतियोगिता सहित विभिन्‍न कार्यक्रमों का आयोजन किया है।
मानवाधिकारों पर सर्वश्रेष्‍ठ तीन लघु फिल्‍मों को क्रमश: एक लाख रूपये, 75,000 रूपये और 50,000 रूपये के पुरस्‍कार के साथ ट्रॉफी और प्रशस्‍ति पत्र दिए जाएंगे।
आयोग 12 अक्‍टूबर, 1993 को अस्‍तित्‍व में आने के बाद से पिछले 24 वर्षों के दौरान मानवाधिकारों की संस्‍कृति को बढ़ावा देने में लगा है।
दुनिया के अधिकतर मानवाधिकार संस्‍थानों की तरह एनएचआरसी संसद द्वारा पारित मानवाधिकार संरक्षण कानून के अनुसार एक संस्‍तुतिपरक संगठन है।
मानवाधिकार उल्‍लंघनों की शिकायतों को देखने के अलावा आयोग के कार्यों में संविधान अथवा किसी अन्‍य कानून के अंतर्गत प्रदत्‍त सुरक्षा की समीक्षा करना, अंतर्राष्‍ट्रीय घोषणा पत्रों के प्रभावी कार्यान्‍वयन की सिफारिश करना, मानवाधिकारों से जुड़े मुद्दों पर अनुसंधान,सेमिनार और चर्चाएं आयोजित करना, मानवाधिकारों के बारे में जागरूकता फैलाना तथा मानवाधिकारों को बढ़ावा देने के लिए गैर-सरकारी संगठनों के प्रयासों को प्रोत्‍साहित करना है।
आयोग देश के विभिन्‍न भागों में अनुसूचित जातियों और अनुसूचित जनजातियों के खिलाफ उत्‍पीड़न की शिकायतों की सुनवाई करने और लंबित मामलों का निपटारा करने के लिए शिविर आयोजित करता रहता है।
आयोग मानवाधिकारों से जुड़े विभिन्‍न उपायों तथा कल्‍याणकारी योजनाओं को लागू करने का आकलन करने के लिए राज्‍यवार विभिन्‍न जिलों का दौरा करता रहता है ताकि सरकार को सिफारिशें दी जा सकें जो सुशासन के लिए दृढ़ संकल्‍प है।
आयोग ने बंधुआ मजदूरों और बाल श्रम, जेल सुधारों, स्‍वास्‍थ्‍य के अधिकार, खाद्यान्‍न के अधिकार, मानसिक स्‍वास्‍थ्‍य देखभाल, दिव्‍यांग व्‍यक्‍तियों के अधिकार, सिलीकोसिस, अवैध क्‍लीनिकल ट्रायल, खाद्य वस्‍तुओं में कीटनाशक दवाओं, दवाओं के मूल्‍य, कॉरपोरेट-सामाजिक दायित्‍व, मैला ढोना और स्‍वच्‍छता, महिलाओं के मानवाधिकारों जैसे प्रमुख मुद्दों पर अनेक बार हस्‍तक्षेप किया है।
मानवाधिकारों के बारे में जागरूकता फैलाने और अपने क्रियाकलापों की जानकारी देने के लिए आयोग हिन्‍दी और अंग्रेजी में मासिक न्‍यूज लेटर का प्रकाशन करने सहित 80 से अधिक पुस्‍तकें और पत्रिकाएं प्रकाशित कर चुका है।

AVINASH JHA SPEAKS - MY GOVERNMENT : MY INITIATIVE

 AVINASH JHA SPEAKSMY GOVERNMENT : MY INITIATIVE 
इलैक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय डिजीटल समावेश के जरिए प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी की सबका साथ, सबका विकास की कल्पना को हकीकत में बदलने के लिए कार्य कर रहा है। डिजीटल इंडिया कार्यक्रम की शुरुआत सरकार ने आम आदमी के लिए डिजिटल सेवा सुनिश्चित करने तथा डिजिटल अर्थव्यवस्था में नए अवसर पैदा करने के लिए की थी। बीपीओ प्रोत्साहन और साझा सेवा केन्द्रों जैसी योजनाओं ने डिजिटल समावेशन और न्यायसंगत विकास में मदद की है।
भारत में आईटी क्षेत्र का विकास परम्परागत तौर पर केवल कुछ चुने हुए शहरों तक सीमित रहा है। शहरी इलाकों जैसे दिल्ली-नोएडा-गुरुग्राम, मुंबई-पुणे, हैदराबाद, बेंगलुरु-मैसूर और चेन्नई में अधिकतर आईटी कंपनियों देखने को मिली हैं। 2014 में फैसला किया गया कि भारत के छोटे शहरों में भी आईटी की नौकरियों का प्रसार किया जाएगा। इसका उद्देश्य इन इलाकों में रहने वाले युवाओं के लिए अवसर पैदा करना था, ताकि उन्हें शहरी इलाकों की तरफ पलायन न करना पड़े। इसके परिणामस्वरूप भारत बीपीओ प्रोत्साहन योजना की शुरुआत हुई। भारत के पूर्वोत्तर क्षेत्र के विकास पर विशेष ध्यान देने की सरकार की योजना के अनुसार पूर्वोत्तर बीपीओ प्रोत्साहन योजना की भी साथ ही शुरुआत की गई।
इस योजना में व्यावहारिकता अंतर निधीयन (वायबिलीटी गैप फंडिंग) के रूप में प्रति सीट एक लाख रुपये तक का विशेष प्रोत्साहन प्रदान किया जाता है। इन योजनाओं के अंतर्गत वित्तीय सहायता का वितरण सीधे तौर पर रोजगार सृजन से जुड़ा हुआ है। इन योजनाओं में महिलाओं और दिव्यांगों को रोजगार देने, शहरों में संचालन, लक्ष्य से अधिक रोजगार सृजित करने और स्थानीय उद्यमिता को बढ़ावा देने के लिए विशेष प्रोत्साहन दिया जाता है। हिमालयी राज्यों जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड के लिए विशेष प्रावधान है। बीपीओ प्रोत्साहन योजना के अंतर्गत 48,300 सीटों और पूर्वोत्तर बीपीओ प्रोत्साहन योजना के अंतर्गत 5000 सीटों का विभिन्न राज्यों की आबादी के अनुपात में वितरण किया गया है

GUJARAT AND HIMACHAL PRADESH ASSEMBLY RESULTS

                THANK YOU GUJARAT ,THANKING HIMACHAL PRADESH TOO
                  FOR OPTING BEST PREFERENCES : AVINASH JHA SPEAKS


समृद्ध , विकसित एवं शक्तिशाली भारत निर्माँण हेतु गुजरात एवं हिमाचल प्रदेश के निवासियों का
 सार्थक एवं यशस्वी पहल .


 धन्यवाद , आपके सही एवं सराहनीय पहल हेतु !



  

               Avinash jha on his initiative for the development of C.M. Law College , Darbhanga